दुबई और थाईलैंड में भी हैं विकास दुबे की कई संपत्तियां, जल्द जांच शुरू कर सकता है ED

पिछले कई दिनों से खबरों की सुर्खियों में छाए विकास दुबे की 10 जुलाई को कानपुर में एन’काउं’टर के दौरान मौ’त हो गई है। विकास दुबे की मौ’त के बाद से अब खबर आई हैं कि प्रवर्तन निदेशालय ED ने विकास दुबे की संपत्तियों की जांच शुरू कर दी गई है। हाल ही में ED ने उत्तर प्रदेश पुलिस से हि’स्ट्रीशू’टर विकास दुबे की प्रोपर्टी की लिस्ट मांगी है। उत्तर प्रदेश की राजधानी लखनऊ में विकास दुबे के नाम पर दो बड़े मकान है, खबरों के मुताबिक विकास दुबे ने अपने ब्लैक मनी की कमाई का कुछ हिस्सा अपने फाइनेंसर जय बाजपेयी के जरिए दुबई और थाऊलैंड में इंवेस्ट किया करता था।

पुलिस सूत्रों के अनुसार, विकास दुबे के एक सहयोगी ने दुबई और थाईलैंड में पेंटहाउस खरीदे थे जिसकी कीमत 30 करोड़ रुपए है। विकास दुबे ने पिछले तीन सालों में 14 देशों का यात्रा की। हाल ही में उसने लखनऊ में एक घर खरीदा है जिसकी कीमत 20 करोड़ रुपए से ऊपर है।

इसके अलावा कानपुर के अंदर ब्रह्मनगर में छह मकान, आर्यनगर के एक अपार्टमेंट में आठ फ्लैट और पनकी में एक ड्यूप्लैक्स कोठी की जानकारी मिल चुकी है। इनकी अनुमानित कीमत 28 करोड़ रुपए बताई जा रही है। विकास और उसके सहयोगी के बीच बैंक के जरिए लेनदेन के ठोस सबूत मिल चुके हैं।

पुलिस के तरफ से बताई गई जानकारी के अनुसार साल 2016 में नोटबंदी से पहले विकास दुबे ने लगभग 6.30 करोड़ रुपए की नगदी को 2% के ब्याज पर लगाया था। बताया जा रहा हैं कि विकास दुबे के फाइनेंसर जय बाजपेयी ने ब्याज की दर 2% को 5% करके मार्केट पर दे रखा है। बता दें कि विकास दुबे की पत्नी रिचा दुबे से पुलिस ने बहुत सारे केस और मुद्दों को लेकर पूछताछ की है, पूछताछ में सबसे सवाल नेताओं और बिजनेसमैन के साथ विकास के रिश्तों को लेकर थे।

बता दें कि ED ने उत्तर प्रदेश पुलिस से विकास दुबे, उसके परिवार के मेंबर और उनके साथ जुड़ी क्रि’मिनल एक्टिविटज में शामिल उनके साथियों का भी विवरण मांगा है। इसके साथ ही ED ने हिस्ट्रीशूटर के खिलाफ दर्ज हुए आपराधिक केस की इस समय वाली स्थिती की पूरी जानकारी भी मांगी है। उत्तर प्रदेश के पुलिस एनकाउंटर से पहले कानपुर में स्थानीय प्रशासन ने विकास दुबे के किले के सामान घर को JCB की मदद से वापस मिट्टी मिला में दिया गया है। ये वहीं JCB थी जिसे रास्ते में खड़ा करके गाड़ियों में पुलिस वालों को बाहर निकलने पर मजबूर किया गया, और उसके बाद बड़ी ही बेरहमी से 8 पुलिस वालों को मा’र दिया गया।