समझ से परे, आखिर भारतीय टीम के सिलेक्टर्स क्यों करते हैं इन पांच खिलाड़ियों को बार-बार नजरअंदाज

भारतीय टीम में ऐसे कई प्रतिभावान प्लेयर है, जिन्हें सिलेक्टर्स के द्वारा ज्यादा मौके नहीं दिए गए हैं। अपने टीम को कई दफा शानदार प्रदर्शन करके जीत दिलाने के बावजूद इन खिलाड़ियों की किस्मत काफी खराब रही। सिलेक्टर्स द्वारा इन्हें हमेशा ही नजरंदाज किया जाता रहा है।

ऐसे में आज हम बात करेंगे ऐसे 5 भारतीय प्लेयर्स के बारे में बताना चाहेंगे, जिन्हें बार बार भारतीय टीम के चयनकर्ताओं द्वारा नजरंदाज किया जा रहा हैं।

1. पृथ्वी शॉ

2019 के बाद इस टैलेंटेड खिलाड़ी की जिंदगी एकदम से बदल गई। डोप टेस्ट में फेल होने के बाद पृश्वी शॉ के ऊपर 8 महीने का बैन लगा दिया गया था। उसके बाद से इस खिलाड़ी को टीम के सिलेक्टर्स द्वारा एकदम से नज़र अंदाज कर दिया गया। पृथ्वी शाॅ बतौर ओपनर शानदार बल्लेबाजी की क्षमता रखते हैं।

उनके पास शुरूआती ओवर में तेजी से रन बनाकर टीम को अच्छी शुरूआत दिलाने की गजब की काबलियत है। इतना ही नहीं पृथ्वी शाॅ के नाम 5 टेस्ट मैच में 339 रन हैं। वहीं उनके नाम 6 ओडीआई में 189 रन हैं।  बावजूद इसके पृथ्वी शाॅकी खराब किस्मत ही हैं कि उन्हें अभी तक पर्याप्त मौके नहीं मिले और टीम के सिलेक्टर्स द्वारा बार बार नजरअंदाज किए गए।

2. खलील अहमद

मध्यम गति के तेज गेंदबाज खलील अहम ने अपना आखिरी अंतराष्ट्रीय मैच नवंबर 2019 में खेला था तबसे लेकर उन्हें टीम के सिलेक्टर्स द्वारा नजर अंदाज ही किया जा रहा है। Team India के लिए खेले 14 टी 20I में उन्होंने 13 विकेट लिए जबकि 11 ओडीआई में उनके नाम 14 विकेट हैं।

बाएं हाथ के गेंदबाज हमेशा ही टीम इंडिया की ताकत साबित हुए है। चाहे इरफान पठान हो या जाहिर खान भारत के लिए लेफ्ट आर्म गेंदबाज हमेशा अच्छे साबित हुए है। ऐसे में अचानक से खलील अहमद को 2019 से मौका न देना समझ नहीं आता हैं।

3. राहुल त्रिपाठी

आईपीएल और घरेलू क्रिकेट में राहुल त्रिपाठी का अच्छा खासा नाम है। उन्होंने कई बार अपनी टीम के लिए मैच जिताऊ पारियां खेलनी है, लेकिन इसके बावजूद उनकी किस्मत बहुत खराब रहीं है। राहुल त्रिपाठी को आज तक खेलने का मौका नहीं मिला है।

हालांकि आयरलैंड के खिलाफ भारतीय टीम के स्कायड के वो हिस्सा तो थे, लेकिन उन्हें प्लेइंग इलेवन में जगह नहीं मिली। 2022 के अपने इस आईपीएल सफर में उन्होंने 14 मैच में 413 रन बनाए हैं। उनकी स्ट्राइक रेट 158 से ऊपर रहीं। बार बार अच्छा प्रदर्शन के बाद उन्हें इस तरह से मौका न देना समझ से परे हैं।

4. क्रुणाल पांड्या

हार्दिक पांड्या के भाई क्रृणाल पांड्या एक बेहतरीन ऑलराउंडर माने जाते रहे हैं। उनका प्रदर्शन आईपीएल के दौरान शानदार देखने को मिले है। चाहे मुंबई इंडियंस के लिए उनका योगदान हो या लखनऊ सुपर जायंट्स के लिए। उनके नाम आईपीएल के 98 मैच में 1326 रन हैं साथ ही 61 विकेट हैं।

क्रृणाल पांड्या ने भारत (Team India) के लिए 5 ओडीआई खेले है जिसमें उनके नाम 130 रन और 2 विकेट है। वहीं 19 टी 20I में उनके नाम 124 रन और 15 विकेट हैं। क्रुणाल को उनके भाई हार्दिक की तरह ज्यादा मौके नहीं मिल पाए।

5. शिवम दुबे

शिवम दुबे ने अपना आखिरी इंटरनेशनल मैच साल 2020 में खेला था तबसे उन्हें मौका नहीं मिला है। इस बार के आईपीएल में उन्होंने कुछ शानदार परियां भी खेली थी। शिवम दूबे ने भारतीय टी के लिए कुल 13 टी 20I मैच खेले हैं जिसमें उन्होंने 105 रन बनाए है और 5 विकेट लिए है।

भारतीय टीम में हाल में हार्दिक पांड्या, रविंद्र जडेजा, शार्दुल ठाकुर, दीपक हुड्डा और दीपक चाहर जैसे ऑल राउंडर के होते हुए उन्हें अब भविष्य में शायद ही मौका मिले।